ट्रैकिंग से पूछताछ वाले मैसेज कैसे कम होते हैं
ऑर्डर भेजे जाने के बाद खरीदार जानना चाहते हैं कि उनका पार्सल कहाँ पहुँचा है। ट्रैकिंग नंबर न हो, तो वे आपको मैसेज करके पूछते हैं और आप रसीद ढूँढ़ने के लिए अपने नोट्स खंगालते हैं। ट्रैकिंग नंबर हो, तो वे खुद ही देख लेते हैं। नंबर दर्ज करने में लगाए गए कुछ सेकंड हर ऑर्डर पर होने वाली एक बातचीत बचा देते हैं।
एक-एक करके ये कदम अपनाएँ
- ऑर्डर पैक करें और कूरियर कंपनी से ट्रैकिंग नंबर लें।
- शॉप के डैशबोर्ड में ऑर्डर खोलें।
- कूरियर कंपनी का नाम और ट्रैकिंग नंबर दर्ज करें।
- ऑर्डर का स्टेटस बदलकर भेजा गया कर दें।
खरीदार को Telegram पर मैसेज मिलता है कि ऑर्डर रास्ते में है। उसमें कूरियर कंपनी का नाम और ट्रैकिंग नंबर भी होता है। वे बाद में बॉट में ऑर्डर खोलकर उसके नीचे यही जानकारी देख सकते हैं।
कूरियर कंपनी का वही नाम लिखें जिसे खरीदार पहचानते हैं
कूरियर कंपनी की अपनी वेबसाइट पर दिया गया नाम इस्तेमाल करें, अपनी सुविधा के लिए रखा गया कोई छोटा नाम नहीं। ट्रैकिंग नंबर कॉपी करने वाले खरीदार को पता होना चाहिए कि उसे किस वेबसाइट पर पेस्ट करना है। अगर आप एक से ज़्यादा कूरियर कंपनियों से सामान भेजते हैं, तो यह और भी ज़रूरी हो जाता है।
स्टेटस में सही जानकारी दें
ऑर्डर को भेजा गया तभी दिखाएँ जब पार्सल सच में रवाना हो चुका हो, सिर्फ पैक हो जाने पर नहीं। ऐसा ट्रैकिंग नंबर जिसमें दो दिन तक कुछ न दिखे, नंबर न देने से भी ज़्यादा सवाल खड़े करता है। देरी हो, तो खरीदार के पूछने से पहले ही उसी चैट में उन्हें बता दें।
देखें कि किन ऑर्डर का ऑनलाइन भुगतान हो चुका है
ऑर्डर की सूची में दिखता है कि किन ऑर्डर का ऑनलाइन भुगतान हो चुका है। इससे आप एक नज़र में समझ सकते हैं कि कौन से ऑर्डर भेजने के लिए तैयार हैं और किनका भुगतान चैट में तय की गई बात के मुताबिक अभी बाकी है। जिनका भुगतान हो चुका है, उन्हें पहले भेजें और बाकी के लिए एक छोटा-सा नोट रख लें। महीने के अंत में आप अपने रिकॉर्ड के लिए ऑर्डर को CSV फ़ाइल के रूप में एक्सपोर्ट कर सकते हैं।