1. चालीस प्रोडक्ट के साथ लॉन्च करना
बड़ा कैटलॉग देखकर लगता है कि शॉप पूरी तरह तैयार है, लेकिन खरीदार को वह गोदाम जैसा दिखता है। असली तस्वीरों वाली दस अच्छी लिस्टिंग, अधूरी लिखी चालीस लिस्टिंग से ज़्यादा बिक्री करती हैं और उन्हें ठीक करना भी आसान होता है। बाकी प्रोडक्ट तब जोड़ें, जब आपको पता चल जाए कि लोग सबसे पहले कौन-सी पंक्ति खोलते हैं।
2. प्रोडक्ट को ड्राफ्ट के रूप में छोड़ देना
नए विक्रेता अक्सर सपोर्ट से पूछते हैं कि उनकी शॉप खाली क्यों दिख रही है। आम तौर पर प्रोडक्ट मौजूद होते हैं, लेकिन उन्हें कभी पब्लिश नहीं किया गया होता। किसी को लिंक भेजने से पहले दूसरे अकाउंट से शॉप खोलें, इससे आपको वही दिखेगा जो ग्राहकों को दिखता है।
3. शॉप तक पहुँचने का रास्ता छिपाना
शॉप का बटन मैसेज बॉक्स के पास बॉट मेन्यू में होता है और ज़्यादातर खरीदार वहीं से शॉप पर आएँगे। लिंक वाला एक मैसेज पिन भी करें और लिंक को बॉट के विवरण में डालें, ताकि नए सब्सक्राइबर को कुछ कहने से पहले ही वह दिख जाए।
4. डिलीवरी की जानकारी के बिना कीमत दिखाना
सिर्फ कीमत देखकर नया ग्राहक कुल खर्च का अंदाज़ा लगाता है और उसका अंदाज़ा अक्सर ज़्यादा होता है। पहले ही दिन शिपिंग ज़ोन तय करें और विवरण में डिलीवरी की जानकारी जोड़ें। इस सूची में यह सबसे कम खर्च वाला सुधार है, फिर भी लोग इसे सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ करते हैं।
5. पहले ऑर्डर के बाद चुप हो जाना
पहला खरीदार ही दोबारा खरीदारी करने वाला सबसे संभावित ग्राहक होता है और उससे बातचीत अभी जारी होती है। पार्सल भेजने से पहले उसकी एक तस्वीर भेजें। इसमें एक मिनट लगता है और यही छोटा कदम एक बार के लेनदेन को ग्राहक के साथ रिश्ते में बदल देता है।
6. हर दिन शॉप को नए सिरे से बनाना
हर दिन थीम, ब्लॉक का क्रम और टेक्स्ट बदलने पर किसी भी वर्ज़न को सही तरीके से परखने का मौका नहीं मिलता और नियमित ग्राहक शॉप को पहचानना बंद कर देते हैं। कोई एक डिज़ाइन चुनें, उसे दो हफ़्ते तक वैसा ही रहने दें और उसके बाद एक बार में सिर्फ एक चीज़ बदलें। Telegram Mini App स्टोर की गैलरी इसलिए मौजूद है, ताकि आपको पहला विकल्प खुद से तैयार न करना पड़े।